अयोध्या दान घोटाले में बड़ा खुलासा! ₹20.4 लाख बरामदगी के बाद अविनाश शुक्ला की पुलिस रिमांड की मांग, SBI अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में
अयोध्या: श्री राम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं के दान में कथित गड़बड़ी के मामले में जांच लगातार तेज होती जा रही है। पुलिस ने मुख्य आरोपियों में शामिल अविनाश शुक्ला की दो दिन की पुलिस रिमांड मांगी है। जांच एजेंसियों के अनुसार, अब तक बरामद की गई सबसे बड़ी नकदी ₹20.4 लाख अविनाश शुक्ला से जुड़ी जगहों से मिली है। वहीं, दान की गिनती और जमा प्रक्रिया से जुड़े कुछ SBI अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला अयोध्या राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए नकद दान और अन्य चढ़ावे में कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा है। विशेष जांच दल (SIT) और अयोध्या पुलिस इस मामले की संयुक्त जांच कर रहे हैं। अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
अविनाश शुक्ला की रिमांड क्यों मांग रही है पुलिस?
पुलिस का कहना है कि अविनाश शुक्ला से पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं। जांच को आगे बढ़ाने और कथित धन के स्रोत तथा उसके इस्तेमाल की जानकारी जुटाने के लिए अदालत से दो दिन की पुलिस रिमांड मांगी गई है।
₹20.4 लाख की बरामदगी से जांच में आया नया मोड़
जांच के दौरान अविनाश शुक्ला से जुड़े परिसरों से करीब ₹20.4 लाख नकद बरामद किए गए हैं। इसके अलावा कुछ विदेशी मुद्रा भी मिलने की बात सामने आई है। पुलिस इस रकम के स्रोत और कथित दान राशि से उसके संबंध की जांच कर रही है।
SBI अधिकारियों पर क्यों है जांच एजेंसियों की नजर?
जांच एजेंसियां उन SBI अधिकारियों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही हैं, जो मंदिर में दान की गिनती और बैंक में जमा कराने की प्रक्रिया से जुड़े थे। फिलहाल किसी अधिकारी पर कोई आरोप सिद्ध नहीं हुआ है और जांच जारी है।
अब आगे क्या होगा?
अदालत के रिमांड पर फैसले के बाद पुलिस आरोपियों से आगे पूछताछ करेगी। साथ ही दान की गिनती, बैंकिंग प्रक्रिया और कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े सभी पहलुओं की जांच जारी रहेगी। जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति और संभावित कानूनी कार्रवाई स्पष्ट हो सकेगी।
